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Hindi


तेरे बिन
मिला न तू जब तक मुझे, जिया बस जिये बिन जीना किसको कहते हैं, वो जाना है अब मैने मिला तू तो मै समझा, साँस लेना जीना नही अब हर साँस आती है, ओर मुझे ये समझाती है कि जीना कितना मुशकिल है, तेरे बिन - तेरे बिन तेरी यादों के साये में, अक्सर मैं खो जाता हूँ मुस्कानों की भीड़ में भी, हरदम रो जाता हूँ कितनी अधूरी लगती है, हर ख़ुशी - हर गिन कि जीना कितना मुश्किल है, तेरे बिन – तेरे बिन हर शाम ढलती है यूँ, जैसे कोई सज़ा हो हर रात कहती है मुझसे, तू ही मेरी दवा हो बंद आँखों में भी अब, त
Dec 1, 20211 min read


एक सवाल
दिल में है एक दर्द तीखा सा जो किसी को दिखता नहीं सिर्फ़ मुझे होता है महसूस फिर किसी को क्या कहूँ कैसे बताऊँ कि साँस लेना आसान नहीं और कभी चलना भी है मुश्किल कैसे समझाऊँ उन्हें जिनको कुछ दिखता ही नहीं वो बस मुझ पर हंसते चले जाते हैं तो मैंने भी उनके साथ साथ अपने पे हँसना सीख लिया है हाँ इसीलिए मुस्कुरा रहा हूँ सोचा शायद मुस्कुराने की आदत पड़ जाए और दिल का यह तीखा दर्द बस मुझे महसूस ही ना हो पर इस सवाल का जवाब नहीं मिला मुझे कि अगर यह महसूस नहीं होगा तो क्या यह दर्द नहीं रहेगा
Aug 2, 20211 min read


मंज़िल
ज़िंदा हूँ, जब एहसास हुआ, और समझा ज़िंदगी एक राह है, तो ठान चला इस राह पर, अपनी मंज़िल की तलाश में, ख़ामोश था, पर जोश था । कई मोड़ आये राह में, ठोकरें भी मिली कई, गिरा, उठा और चलता गया, खामोश था, मदहोश था । रास्ते में खुशनुमा नज़ारे भी दिखे कई, देखी बर्फीली हसीन वादियां, और देखे फूल, जिन पे ओस था, बस लगा फिरदौस था । पर ठोकरें न रोक पायी मुझे, ना भटका किसी हंसीन नज़ारे से, रुका नहीं , डगमगाता चला, मंज़िल पहुंचने का जोश था । देखा अनदेखा कर दिया, मंज़िल पहुँचने की चाह में, और मैं चल
Feb 4, 20211 min read
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